सीमा दीदी मुझसे चुदी बॉयफ्रेंड समझकर

दोस्तों मैं एक कहानी बताने वाला हूँ की कैसे एक बहन ने नशे की हालत में अपने भाई को चोदा बॉयफ्रेंड समझ कर.. मेरा नाम रवि है और उम्र २३ साल. मेरी एक दीदी है सीमा जो २८ साल की है. दीदी की बर्थडे में उसके बॉयफ्रेंड ने अपने फार्महाउस में एक पार्टी रखी थी. उसका बॉयफ्रेंड कुणाल मेरा भी अच्छा दोस्त है इसलिए उसने मुझे भी पार्टी में बुलाया था… दीदी ने आज ब्लैक कलर की वन पीस ड्रेस पहनी थी, जो बहुत ही छोटी थी… जिसमे दीदी की गदरायी चौड़ी गांड बहुत कसी हुई लग रही थी.. वैसे दीदी का फिगर बहुत ही कातिलाना है.. बड़ी बड़ी चूचियां जैसे दूध से भरे हुए जग्स, लम्बी हाइट, पतली कमर और बाहर निकली भारी गांड. उनकी ड्रेस में पूरा क्लीवेज दिख रहा था, ३८ की अधनंगी चूचियां ऐसा लग रहा था जैसे पहाड़ो को ड्रेस में कैद कर रखा हो. मेरा बुरा हाल था दीदी की गदरायी जवानी देख कर..
दीदी के कॉलेज के काफी दोस्त आये थे, दीदी ने केक कटा और कुणाल को खिलाया, फिर दीदी ने मुझे भी खिलाया.. मैंने दीदी को हग किया और हैप्पी बर्थडे विश किया. फिर हम सब दारू पिने लगे और डांस करने लगे. दीदी मस्त गांड हिला हिला कर सेक्सी डांस कर रही थी… उसकी चूचियां बहुत हिल रही थी और आधे से ज्यादा नंगी दिख रही थी. कुणाल उसको पकड़ कर किश कर रहा था और उसकी भारी चुत्तड़ो को दबा रहा था… मुझे भी मजा आ रहा था.. पर कुणाल की जगह मैं अपनी दीदी के बदन का मजा लेना चाह रहा था…दीदी और कुणाल काफी नशे में चूर थे.. फिर रात १२ बजे सब लोग चले गए अब सिर्फ मैं, सीमा दीदी और कुणाल थे उसके फार्म हाउस पर… और हम तीनो दारू पिने लगे… मैं काफी धीरे धीरे दारू पि रहा था…कुणाल और दीदी ने काफी दारू पि ली थी और वो दोनों आउट हो गए.. कुणाल वही सोफे पर सो गया… मैं दीदी के पास गया.. और उसकी अधनंगी बदन को निहार रहा था.. मस्त चिकनी सेक्सी टंगे थी.. गोरी गोरी चूचियां मुझे दबाने के लिए पुकार रही थी.. मेरा हाथ दीदी की चूचियों पर चला गया और मैं दीदी की चूचियों को दबाने लगा… फिर मैंने दीदी की नैक पर किश किया… दीदी मॉन करने लगी… ओह्ह्ह्हह्ह कुणाल … अह्ह्ह्हह
मैं समझ गया की दीदी नशे में मुझे कुणाल समझ रही है… मैंने सोचा यही सही मौका है सीमा दीदी को चोदने का… दीदी की ऑंखें अभी भी नहीं खुल रही थी… मैंने दीदी को उठाया और सामने के एक कमरे में ले गया.. कुणाल अभी भी सोफे पर गहरी नींद में सो रहा था… कमरे में मैंने दीदी को बेड पर फेंक दिया और उसके बदन से खेलने लगा… उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को खूब दबाया…फिर मैंने ड्रेस को दीदी के कंधो से उतरा और उनकी चूचियों को नंगा कर दिया.. क्या बड़े बड़े आम थे साली के… १० १० किलो के दूध के जग लग रहे थे… मैंने दीदी की चूचियों को खूब मसला और चूसा… दीदी अभी भी मुझे कुणाल समझ रही थी… ओह्ह्ह्हह्ह कुणाल …. आअह्ह्ह्हह की आवाजे निकल रही थी..फिर मैं उसकी मोटी मोटी सेक्सी टांगो को सहलाने लगा और किश करने लगा… मैंने ड्रेस को थोड़ा ऊपर उठा दिया और उसकी पैंटी उतर दी… अब दीदी की बूर मेरे सामने नंगी पड़ी थी… बहुत ही चिकनी और टाइट चुत थी उसकी…मैंने अपनी उंगली दीदी की चुत में डाल और अंदर बाहर करने लगा.. दीदी का कण्ट्रोल खो रहा था… अह्ह्ह्ह कुणाल.. फ़क मी बोल रही थी..

मैंने अपना ९” का लौड़ा दीदी की बूर में रखा और जोरदार झटका मारा.. मेरा सुपाड़ा बूर को चीरता हुआ अंदर धंस गया…दीदी की आँख खुल गयी… पर मैंने दीदी को हग करके रखा था इसलिए उसे पता नहीं चला की मैं कुणाल नहीं हूँ… मैंने देरी ना करते हुए लम्बे लम्बे शॉट्स मारे और अपना पूरा लंड दीदी की बूर में डाल दिया… दीदी की चीख निकल आयी… मैं ५ मिनट ऐसे ही रहा फिर धीरे धीरे दीदी को चोदने लगा… मैं बहुत तेजी से अपना लंड दीदी की बूर में अंदर बाहर करने लगा…दीदी को भी मजा आने लगा…..

दीदी: ओह्ह्ह्हह कुणाल… अह्ह्ह्हह फ़क मी कुणाल
मैं: दीदी मैं हूँ कुणाल नहीं…
दीदी: ओह माय गॉड रवि तू है … तू ये क्या कर रहा है.. चल हट मेरे ऊपर से…अपनी बहन को चोद रहा है…

मैंने चोदना नहीं छोड़ा और स्पीड बढ़ा दी…

मैं: सॉरी दीदी नशे में मुझे पता नहीं चला…
दीदी: अह्हह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह्हह्ह … अब तो पता चल गया ना अब जल्दी निकल इसे…
मैं: पर दीदी अब निकालने का मन नहीं कर रहा है… वैसे भी दीदी मेरा लंड तो आपकी बूर में घुस ही चूका है चुदाई भी स्टार्ट हो गयी है.. दीदी प्लीज मुझे पूरा कर लेने दो…
दीदी: उईईईईई माँ रवि पर ये गलत है.. तू अपनी बहन को चोद रहा है…
मैं: नहीं दीदी मैं एक सेक्सी माल को चोद रहा हूँ.. जिसे चुदने में भी मजा आ रहा है…
दीदी: अह्हह्ह्ह्ह भाई… मजा तो आ रहा है.. पर हम ऐसा नहीं कर सकते.. चल जल्दी निकल अपना लंड…

मैंने दीदी की बात नहीं मानी और ताबड़ तोड़ दीदी को चोदने लगा…

मैं: दीदी प्लीज मान जाओ ना … मुझे भी मजा आ रहा है…और तुम भी मजा ले रही हो.. थोड़ी देर की हो तो बात चोद लेने दो मुझे…
दीदी: ओह्ह्ह्हह्हह … उईईईईई ऊऊऊओ रवि मजा तो मुझे भी बहुत आ रहा है.. और तू मस्त चोद भी रहा है… मगर…
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी मगर वगर छोड़िये…अब मेरा लंड जब आपकी बूर में चला ही गया है तो चुदाई का मजा लिजीये…
दीदी: आआअह्हह्ह्ह्ह भाई ठीक है… अगर तू बहनचोद बनना ही चाहता है तो … मार ले मेरी चुत…

ये सुनना था की मेरा जोश बढ़ गया और मैं लम्बे लम्बे शॉट मारने लगा.. पूरा रूम दीदी की चीखो से गुजने लगा…फचा फच का मधुर चुदाई संगीत पूरी रूम में बज रहा था…

मैं: ओह्ह्ह्हह दीदी … यू आर सो स्वीट…आपको कब से चोदने का मन कर रहा था…
दीदी: आअह्ह्ह्ह भाई… कीप फकिंग मी… मिटा ले साले अपनी वासना
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी क्या बदन है आपका… इतने बड़े बड़े आम है आपके.. जिसे देख कर ही लंड फुंकारने लगता है…
दीदी: उईईईईई …उईईईईई और चोद भाई … इन चूचियों को दबा दबा कर चोद मुझे

दीदी की चूचियां हर शॉट के साथ हवा में उछाल रही थी… मैं चूचियों को दबा दबा कर चूस रहा था और मेरा लंड दीदी की बूर को चोद रहा था….

मैं: आह्ह्ह्ह दीदी… हैप्पी बर्थडे… और ये रहा मेरा गिफ्ट…
दीदी: भाई… तेरा गिफ्ट बहुत अच्छा है…. आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह … पर अभी मेरा मन नहीं भरा है….गिव मी मोर भाई…और तेज… फ़क मी माय लिटिल ब्रदर…
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी… जब तक बोलोगी तब तक आपकी चुदाई होगी.. डोंट वरी
दीदी: ओह्ह्ह्हह सो स्वीट रवि… मैं झड़ने वाली हूँ थोड़ा और तेज मार अपना लंड मेरी बूर में .. और झाड़ दे अपनी बहन को..
मैं: येलो दीदी..

मैंने बहुत तेजी से दीदी को चोदने लगा. उनकी चूचियों को दबा दबा कर अपना लंड दीदी की बूर में पेल रहा था…. दीदी की मॉनिंग अब काफी लाउड हो गयी… अह्ह्ह्हह फ़क मी रवि…अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उईईईईई करते हुए दीदी झड गए और मैं भी …

Comments